Virat Kohli Birthday Special: जानिए विराट से जुड़ीं दिलचस्प और हैरान करने वाली बातें…

भारत की रन मशीन यानी कप्तान विराट कोहली 29 वर्ष के हो चुके है। उनका जन्म 5 नवम्बर 1988 को हुआ था। विराट दिल्ली के रहने वाले हैं और प्रथम श्रेणी में दिल्ली की टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। आइए आज जन्मदिन पर उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातों को जानते हैं।

विराट कोहली और परिवार- विराट के पिता जी का नाम प्रेम कोहली था। उनका देहांत दिसम्बर 2006 में हुआ था, उस वक्त विराट महज 18 साल के थे। विराट कोहली ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो अपने पिता के बहुत करीब थे। विराट कोहली के परिवार में उनकी माँ सरोज कोहली, भाई विकास, भाभी चेतना, भतीजा आर्य और बहन भावना कोहली रहते हैं। विराट अपने परिवार के साथ समय बिताना बहुत पसंद करते हैं।

विराट के पूरे परिवार की तस्वीर

पिता के देहांत की रात लिया दिल जीतने वाला फैसला, जिसने सबकी आंखो में ला दिए थे आंसू और उसी फैसले ने विराट को इन ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। आइए जानते है आखिर वो फैसला क्या था – 

विराट के पिता का देहांत ब्रेन स्ट्रोक से दिसम्बर 2006 में हुआ था। उस वक्त दिल्ली और कर्नाटक के बीच फिरोजशाह कोटला में रणजी ट्राफी का मैच खेला जा रहा था। ये विराट करियर का शुरूआती मैच था। इस मैच में कर्नाटक ने पहले दिन बल्लेबाजी करने हुए 446 रन बनाए, जवाब में दूसरे दिन दिल्ली की टीम के 5 विकेट बहुत ही जल्दी पवेलियन लौट गए। विराट की टीम के सर पर फॉलोआन का खतरा मड़रा रहा था। ऐसे में पांचवा विकेट गिरने के बाद विराट को नाइटवॉच मैन के तौर पर भेजा गया ताकी वो दूसरे दिन बिना किसी विकेट के लौटें। विराट कोहली ने छठवें विकेट के लिए विकेट कीपर बिष्ट के साथ खेलना शुरू किया और धैर्य के साथ बिना किसी विकेट के दिल्ली का स्कोर 103 रन पहुंचाया और खुद भी 40 रन बनाये। अब विराट का अगले दिन लक्ष्य मैदान पर उतर कर दिल्ली को फॉलोऑन से बचाना था।

लेकिन दूसरे दिन की रात 3 बजे उनके पास वो दुखद ख़बर आई कि उनके पिता का देहांत हो चुका है। विराट को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। एक तरफ उनके पिता थे और दूसरी तरफ उनके पिता का सपना। विराट कोहली अपने आप से लड़ रहे थे कि उन्हें क्या करना चाहिए। तभी उन्होंने अपने कोच राजकुमार जी को कॉल किया जो उन दिनों ऑस्ट्रेलिया में थे।

विराट के कोच ने उन्हें समझाया कि ऐसा मौका बार-बार नहीं आता। इस वक्त टीम को तुम्हारी बहुत जरूरत है। तुम्हें खेलना चाहिए आगे तुम्हें फैसला लेना है। विराट ने कोच साहब की बात मानते हुए तीसरे दिन खेलना जारी रखा और 90 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को फॉलोऑन से बचाया। आउट होने के बाद विराट सीधे घर पहुंचे और पिता के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल हुए।

विराट के इस फैसले को हर कोई आज भी सलाम करता है। यही फैसला है जिसने विराट को कभी पीछे नहीं मुड़ने दिया और वो अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए जी जान से महनत करने लगे।

विराट को लगता था इस गेंदबाज से डर – 

विराट कोहली की बल्लेबाजी में ऐसी कला है कि वो किसी भी गेंद को एक नहीं बल्कि कई प्रकार के शॉट खेलकर बाऊंड्री लाइन तक पहुंचा सकते हैं। हर गेंदबाज विराट कोहली के टिकने से खौफ खाता है क्योंकि जब भी वो टिकते हैं सीधे शतक जमाते हैं। लेकिन इस खतरनाक बल्लेबाज को भी एक गेंदबाज से डर लगता था और वो गेंदबाज थे शौएब अख्तर। हालांकि विराट ने अबतक उनका सामना नहीं किया लेकिन भारत पाकिस्तान के एक मैच में विराट दूसरे एंड पर खड़े होकर शौएब को फेस ना करने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे थे और भगवान ने उनकी सुन ली थी।

जब युवराज ने कहा तुम रहने दो, तुमसे ना हो पायेगा- 

ये वाक्या भी भारत और पाकिस्तान के बीच बैंगलोर T20 मैच का ही है। विराट और युवराज क्रीज़ पर थे और मोहम्मद इरफान (हाईट 7 फिट) वॉलिंग कर रहा था। विराट सामने थे जैसे ही विराट ने पहली बॉल पर हुक खेलने की कोशिश की बॉल तकरीबन एक फिट ऊपर से निकल गई। दूसरे एंड पर खडे युवी ने कहा की कट खेलके देख विराट ने कट किया बॉल फिर 1 फिट ऊपर से। उधर युवराज की आवाज़ आई तुम रहने दो हाइट कम है इसे मैं ही खेलता हूँ। उस वाक्या को याद करते हुए विराट कहते हैं उस बॉलर को समझ ही नहीं पाता था क्योंकि बॉल हमेशा आपके सीने के पास से जाती थी।

विराट की लाईफ के तीन सबसे अच्छे पल- 

जब विराट से एक इंटरव्यू में पूछा गया कि कौनसे तीन पल उनके लिए सबसे ज्यादा ख़ास हैं तो उन्होंने जवाब दिया पहला 2011 वर्ल्ड कप, दूसरा 2013 चैम्पियन ट्रॉफी और तीसरा लार्ड्स के मैदान पर टेस्ट मैच में जीत। ये तीन पल विराट की जिंदगी के सबसे ख़ास पल हैं।

विराट का करियर एक नज़र में –  विराट भारतीय टीम के तीनों संस्करणों के कप्तान हैं। विराट अंडर19 विश्वकप विजेता टीम के कप्तान भी रह चुके हैं। ये कारनामा भारतीय टीम ने 2008 में किया था। प्रथम श्रेणी मैचों में विराट दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते आये हैं। विराट वनडे में अबतक 32 शतक लगाकर सबसे ज्यादा शतकों के मामले में मास्टर ब्लास्टर सचिन के बाद दूसरे स्थान पर आ गए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विराट सबसे तेज 15,000 रन बनाने वाले क्रिकेटर हैं। ये कारनामा उन्होंने 333 मैचों मे किया है। ऐसा करके विराट ने हाशिम अमला का रिकॉर्ड तोड़ा है अमला ने 336 मैचों में ये कारनामा किया था। इसके साथ-साथ विराट वनडे में सबसे तेज 9,000 रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं। ये कारनामा विराट ने 194 पारियों में किया है। विराट भारत के तीनों फॉर्मेट के कप्तान है और अब तक वो भारत में कोई भी सीरीज़ नहीं हारे हैं। कप्तान के तौर पर विराट ने एक वर्ष में वनडे में सबसे तेज 1460 रन बनाए हैं।

विराट कोहली देश के लिए बहुत अच्छा खेल रहे हैं Headlines of today की ओर से उन्हें उनके करियर और जन्मदिन दोनों के लिए ढ़ेरसारी शुभकामनाएं। आशा करता हूँ आपको लेख पसंद आया होगा। इस तरह के अन्य लेखों के लिए लाइक करें, शेयर करें और फॉलो करते रहें।

Ravi Goyal

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